दिघवारा (सारण): दिघवारा-शेरपुर सिक्सलेन पुल निर्माण में अधिग्रहित होने वाले जमीन के उचित मुवावजे की मांग को लेकर दिघवारा नगर के भूस्वामियों ने सांसद रूढ़ि को मांगपत्र देकर अपनी समस्या से अवगत कराया है।
इस संबंध में दिए गए मांगपत्र के बारे में अनुज प्रतीक एवं संजय मिश्रा सहित कई भूस्वामियों ने बताया कि पुल के निमित्त अधिग्रहित होने वाले नगर के बहुत सारे जमीन जो को प्रथम गजट में कृषि भूमि दर्शाया गया है। जो सरासर गलत है।
इस संबंध में श्री प्रतीक ने मार्च 2020 में जिलाधिकारी के अध्यक्षता वाली आठ सदस्यीय कमिटि के निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि नगर के वैसे सभी जमीन जिनके सामने ऐसी सड़क हो जिसमें चार चक्का गाड़ियों का प्रवेश हो सकता है, भले ही वह कच्ची ही क्यों न हो उसका मूल्यांकन क्रमशः व्यवसायिक अथवा आवासीय मुख्य सड़क की श्रेणी के रूप में होना है।
औऱ इस आदेश के बाद से उक्त भूमि के आसपास की समकक्ष जमीनों का निबंधन भी आवासिय मुख्य सड़क के रूप में ही होता आ रहा है। ऐसे में जब सरकार को हम आवासीय मुख्य सड़क श्रेणी का राजस्व देते आ रहे हैं तो फिर सरकार हमें कृषि भूमि का मुआवजा कैसे दे सकती है?
भूस्वामियों के इस मांग पर सांसद रूढ़ि ने सहानुभूति प्रकट करते हुए इस मामले का हल निकालते हुए उचित मुआवजा दिलवाने आश्वासन दिया।
0 Comments