सोनपुर --सोनपुर अनुमंडल क्षेत्र में कोरोना के लंबे इंतजार के बाद शक्ति की उपासना मां दुर्गा की पूजा के लिए ग्रामीण तथा नगर पंचायत क्षेत्र अंतर्गत पूजा की तैयारियां शुरू हो गई है। सोनपुर नगर पंचायत के विभिन्न इलाके के अलावा भरपुरा, शाहपुर ,सितारगंज,खरिका,कसमर,गोविंदचक ,परमानंदपुर ,चतुरपुर नयागांव ,शिकारपुर ,सबलपुर समेत दर्जनों गांव में मां दुर्गा की प्रतिमा तथा पंडाल बनाने में पूजा समिति के सदस्य व कारीगर मूर्तियां बनाने में जुट गए हैं। कलकत्ता ,पटना,अन्य राज्यो से आए कारीगर यहाँ गांव कस्बों में डेरा डालकर मां दुर्गा की प्रतिमाओं का निर्माण शुरू कर दिया है। बांस एवं पुआल को इकट्ठा कर रस्सी के सहारे मां की प्रतिमा का ढांचा तैयार किया जा रहा है। इसके बाद मिट्टी का लेप कर प्रतिमा निर्माण करने में यह कारीगर दिन-रात जुटे हुए हैं। वही मां दुर्गा के स्थान पर अभी से ही उत्सवी माहौल दिखने लगा है।


शक्ति की उपासना है मां दुर्गा


हरिहर नाथ मंदिर के पुजारी सुशील चंद्र शास्त्री व बंम बंम  बाबा बताते हैं कि इस वर्ष माॅ दुर्गा का आगमन डोली से हो रहा है ओर हाथी पे माता की विदाई होगी। डोली में आना यह बाताता है कि इस साल महामारी और रोगों में वृद्घि होने वाली है। नवरात्रा पर्व 7 अक्तूबर आश्विन मास  शुक्लपक्ष प्रतिपदा तिथी दिन गुरुवार से प्रारम्भ होगी ओर पंचमी उपरान्त षष्ठी होने के कारण विजया दशमी 15 अक्टूबर को ही हो जायेगा। 

मान्यता है कि नवरात्र में मां दुर्गा की पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।दुर्गा जी शक्ति की मां रूप में पूजा जाती हैं। मालूम हो कि शक्ति का तात्पर्य ऊर्जा से है। ऐसा माना जाता है कि ऊर्जा का सही दिशा में प्रयोग होना बहुत जरूरी है। ऐसा नहीं होने पर यह ऊर्जा घातक भी हो सकती है। कहते हैं कि मां एक ऐसा शब्द है जो अपने आपमें तमाम ऊर्जा समेटे हुए है।