उत्कृष्ट कविता पाठ के कवियत्री डॉ.प्रतिभा परासर को राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में मिला सम्मान
सोनपुर ---राष्ट्रीय कवि संगम की ओर से भगवान श्री राम की जन्मभूमि अयोध्या में पिछले 7 अप्रैल से लेकर 10 अप्रैल तक आयोजित 75 घंटें का पुरूषोत्तम श्री राम पर आधारित राष्ट्रीय स्तर पर अखंड काव्य पाठ का आयोजन किया गया था। जिसमें नयागांव स्थित हसनपुर मध्य विद्यालय की शिक्षिका एवं सुप्रसिद्ध कवियत्री डॉ प्रतिभा परासर ने अपनी रचनाओं की प्रस्तुति कर वहां मौजूद अन्य प्रदेशों से आए कवि- कवियत्रियों को भाव विभोर कर दिया। डॉ प्रतिभा परासर ने कवि सम्मेलन में अपनी रचना पावन तन-मन हो रहा, लेकर जिनका नाम।ऐसे रघुवर राम को, बारंबार प्रणाम।इस धरती को है नमन, सुखद अयोध्या धाम।
राम- लखन - सीता सहित, लेकर हनुमत् नाम।जहां श्रीराम का दिन - रात हम गुणगान करते हैं।
वहाँ का काम पूरा तो सदा हनुमान करते हैं।। कभी भूलो नहीं श्रीराम को सुन लो जगतवालों-
धरा पर भक्त की रक्षा सदा भगवान करते हैं की प्रस्तुति की तो पूरा हॉल श्रोताओं की तालियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा। इसके अलावे भी मूलतः हाजीपुर की रहने वाली कवियत्री डॉ.प्रतिभा परासर ने अपनी कई रचनाओं का सस्वर पाठ कर श्रोताओं की खूब तालियां बटोरी। उत्कृष्ट कविता पाठ के लिए आयोजन समिति की ओर से डॉ प्रतिभा परासर को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। गौरतलब है कि श्री राम वनगमन पथ काव्य यात्रा जो पड़ोसी देश श्री लंका से पिछले माह शिवरात्रि के दिन से शुरू हुई थी। जो सात अप्रैल को राम वनगनमन होते हुए अयोध्या पहुंची। जहां रामनगरी में अखंड काव्य पाठ का आयोजन किया गया। जिसमें देश के विभिन्न प्रांतों से आए सैकड़ों कवियों ने अपनी रचनाओं का पाठ किया। कवि सम्मेलन में भाग लेकर लौटने पर कई साहित्यकारों ने उन्हें इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है।उत्कृष्ट कविता पाठ के कवियत्री डॉ.प्रतिभा परासर को राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में मिला सम्मान
सोनपुर ---राष्ट्रीय कवि संगम की ओर से भगवान श्री राम की जन्मभूमि अयोध्या में पिछले 7 अप्रैल से लेकर 10 अप्रैल तक आयोजित 75 घंटें का पुरूषोत्तम श्री राम पर आधारित राष्ट्रीय स्तर पर अखंड काव्य पाठ का आयोजन किया गया था। जिसमें नयागांव स्थित हसनपुर मध्य विद्यालय की शिक्षिका एवं सुप्रसिद्ध कवियत्री डॉ प्रतिभा परासर ने अपनी रचनाओं की प्रस्तुति कर वहां मौजूद अन्य प्रदेशों से आए कवि- कवियत्रियों को भाव विभोर कर दिया। डॉ प्रतिभा परासर ने कवि सम्मेलन में अपनी रचना पावन तन-मन हो रहा, लेकर जिनका नाम।ऐसे रघुवर राम को, बारंबार प्रणाम।इस धरती को है नमन, सुखद अयोध्या धाम।
राम- लखन - सीता सहित, लेकर हनुमत् नाम।जहां श्रीराम का दिन - रात हम गुणगान करते हैं।
वहाँ का काम पूरा तो सदा हनुमान करते हैं।। कभी भूलो नहीं श्रीराम को सुन लो जगतवालों-
धरा पर भक्त की रक्षा सदा भगवान करते हैं की प्रस्तुति की तो पूरा हॉल श्रोताओं की तालियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा। इसके अलावे भी मूलतः हाजीपुर की रहने वाली कवियत्री डॉ.प्रतिभा परासर ने अपनी कई रचनाओं का सस्वर पाठ कर श्रोताओं की खूब तालियां बटोरी। उत्कृष्ट कविता पाठ के लिए आयोजन समिति की ओर से डॉ प्रतिभा परासर को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। गौरतलब है कि श्री राम वनगमन पथ काव्य यात्रा जो पड़ोसी देश श्री लंका से पिछले माह शिवरात्रि के दिन से शुरू हुई थी। जो सात अप्रैल को राम वनगनमन होते हुए अयोध्या पहुंची। जहां रामनगरी में अखंड काव्य पाठ का आयोजन किया गया। जिसमें देश के विभिन्न प्रांतों से आए सैकड़ों कवियों ने अपनी रचनाओं का पाठ किया। कवि सम्मेलन में भाग लेकर लौटने पर कई साहित्यकारों ने उन्हें इस उपलब्धि के लिए बधाई दी है।

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