नौतन।
प्रखंड क्षेत्र में रविवार को भोर से हो रही तेज बारिश से जहाँ लोगों को ऊमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत मिली है, वहीं किसानों के चेहरे भी खिल उठे । बता दें कि शनिवार की शाम से ही अचानक मौसम ने करवट ली, जिससे हल्की ठंडी हवाएँ चलने लगी। इसके साथ ही आधी रात के बाल अचानक बादल घिर आए और देखते ही देखते गरज के साथ बारिश शुरू हो गई । मौसम के इस बदलते मिजाज़ के साथ ही तापमान में गिरावट आई, जिससे लोगों ने ऊमस

भरी गर्मी से थोड़ी राहत की साँस ली । वहीं इस बारिश से किसानों के चेहरों पर भी संतोषजनक मुस्कान देखने को मिली । गौरतलब है कि कुदरत की मार का शिकार सबसे ज्यादा मजदूर व किसान वर्ग के लोगों को ही होना पड़ता है । इस वर्ष भी गेहूँ की फसलों के मामलों में बहुत से किसानों को असामयिक बारिश के रुप में कुदरत की मार झेलनी पड़ी । जैसे ही गेहूँ की फसलों में फूल लगे, वैसे ही क्षेत्र में बारिश व ओलावृष्टि से फसलें बरबाद हो गईं। नतीजा यह हुआ कि गेहूँ के पौधों की बालियाँ तो अच्छी रहीं, लेकिन उनमें दाने अपेक्षित नहीं हुए । इसके बाद आम व लीची के फल पिछले साल के मुकाबले बहुत ही कम हैं। उस पर भी असामयिक बारिश ने कहर बरपाया, जिससे फल अपेक्षाकृत बहुत कम बचे। इसके बाद खरीफ फसलों की बारी आई, तो समय से बारिश नहीं होने से मक्का की बुआई देर से हुई । फिर बारिश की कमी के कारण मक्का की फसल सूखने के साथ-साथ धान के बीचड़े भी सूखने लगे । जिन किसानों ने पंपसेट से पानी चलाकर धान की रोपाई कर दिया था, उनके खेतों में दरारें पड़ गई थीं तथा धान की फसलें भी झुलसने लगी थीं । किन्तु विगत भोर से बारिश होने के बाद फसलों की हरियाली के साथ ही किसानों के चेहरों पर भी रौनक देखने को मिली ।
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