सोनपुर --पर्यटन विभाग तथा सारण जिला प्रशासन के द्वारा लगाये जाने वाला मेला की तैयारी के लिए बिहार सरकार की नींद अब तक नहीं खुली है । मेला से लजुड़े व्यापारी एवं दुकानदारों की ताबर -तोड़ फोन जमीन मालिक के पास आना शुरू हो गया है । आना भी वाजिब है चुकी हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला विश्वस्तरीय मेला है । इस मेले की तैयारी करने में करीब 1 माह से अधिक समय लग जाता है । सोनपुर मेला के नखास क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर का पुस्तक मेला लगाने की जरूरत है । इसके लिए संबंधित संस्था को भी अभी से ही लग जाने की जरूरत है । चुकी दिल्ली से लेकर दौलताबाद तक के प्रकाशक की सरकारी स्तर पर इसके लिए आमंत्रित करना होगा । पिछले वर्षों से ही पुस्तक मेला का आयोजन शुरू है लेकिन प्रकाशक बहुत कम आते हैं इसका कारण है कि रूचि का अभाव । सच तो यह है कि हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला में अगर कैदे का पुस्तक मेला लगाया जाता है तो हजारों तथा लाखों पाठक शिरकत करेंगे तथा लाखों -लाख का कारोबार भी होगा । पुस्तक मेले का उद्घाटन भी मेला उद्घाटन के साथ हो । सोनपुर के सुप्रसिद्ध विद्वान तथा कई पुस्तकों को लेखक शालिग्राम सिंह अशांत, कविवर सीताराम सिंह ,कई पुस्तकों के लेखक विश्वनाथ सिंह अधिवक्ता सह पत्रकार ,सारंगधर सिंह ,अभय कुमार सिंह अधिवक्ता ,संजीत कुमार पत्रकार , साहित्य प्रेमी सह लेखक अनिल कुमार सिंह ,राजेंद्र प्रसाद सिंह, प्रोफेसर चंद्रभूषण तिवारी ,प्रोफेसर पप्पू राय ,प्रोo वीरमणि राय ,शिक्षाविद तृप्तिनाथ सिंह , शिक्षिका सह पूर्व प्रखंड प्रमुख श्रीमती अर्पणा देवी, डॉक्टर नवल कुमार सिंह अधिवक्ता ने भी पर्यटन विभाग तथा बिहार सरकार से आग्रह करते हैं कि कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर लगने वाला 32 दिवसीय मेले में "पुस्तक मेला" लगाकर सोनपुर मेले की चमक में निखार लाने की कृपा की जाए ।