गुठनी/सिवान--गुठनी व दरौली प्रखण्ड के मध्य स्थित चकरी गाँव में स्थित सिद्ध गुफा चकरी योगाश्रम पर महन्त रघुनाथ दास द्वारा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर योगाभ्यास का प्रदर्शन किया गया।प्राप्त जानकारी के मुताबिक सिद्ध गुफा चकरी योगाश्रम के संस्थापक अनंत श्री विभूषित मौनी जी महाराज जो कि अष्टांग योग सम्पन्न सिद्ध योगी थे।उन्होंने आजीवन फलाहारी रहकर,नेति,धौति,बस्ती,कुंजर,नौलि, त्रिबंध,शक्ति चालन समेत सभी तरह के आसनों पर सिद्धि प्राप्त किया था।चकरी गांव के ही निवासी व उनके शिष्य संत कपिलदेव दास नें बताया कि पूज्य मौनी बाबा 22 वर्ष तक जमीन के 15 फ़ीट नीचे गुफा बनाकर कठोर तपस्या किया।साथ ही 20 वर्ष तक सूर्य का भी दर्शन नहीं किया।इतना ही नहीं 24 वर्ष तक मौन रहे जिसके कारण उनका नाम मौनी बाबा बिख्यात हो गया।इतने कठोर तपस्या के उपरांत जब वे गुफा से बाहर निकले तो 11 फुट ऊँचा शिवलिंग(श्री रामेश्वर महादेव की स्थापना किये।वहीं 1018 भुजाओं वाली माँ पराम्बा की भी स्थापना उन्होंने किया।12 फुट ऊंचे पंचमुखी हनुमान जी समेत सैकड़ों मूर्तियो की स्थापना उनकी पराम् समाधि में जाने के बाद उनके शिष्य महन्त रघुनाथ दास जी द्वारा किया जा रहा है।हालांकि मंदिर का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है।फिर भी देश विदेश से लोग प्राकृतिक चिकित्सा एवं योगाभ्यास के लिए आते हैं।श्रावण व आशिन के महीने में यहां विशाल पूजन कार्यक्रम कराया जाता हैं।आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से पूर्णिमा तक श्री चक्र महारानी का विधिवत पूजन होता है जिसमें हजफोन की स्नाख्य में लोग शामिल होते हैं।ऐसी मान्यता है कि जो लोग श्री चक्र की पूजा कराए हैं वे मनवांछित फल प्राप्त करने हैं।

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