
श्रीश्रीशैलेशगुरुजी कर रहे है करपात्री साधना
इसके पूर्व भी कई कठिन साधनाएं कर चुके है गुरुजी.
सीवान/ दरौंदा। वासंतिक चैत्र नवरात्रा में एक साधक ऐसे भी जो अपने विभिन्न प्रकार की साधनाओ से माँ दुर्गा शक्ति की उपासना हर नवरात्रा में करते रहते हैं युवा संत आध्यात्मिकगुरु श्रीश्रीशैलेशगुरुजी इस पूरे नवरात्रा में केवल मात्र बेलपत्र का आहार के रूप में सेवन कर व्रत कर रहें है और ध्यान रहे कि 24 घण्टे में एक बार ही हथेली में जितना आ सकता है करपात्र में कर यानी हाथ मे आ सके उतना ही बेलपत्र ग्रहण करते हैं श्रीश्रीशैलेशगुरुजी ने बताया कि वे करपात्री साधना यानी कर ही जिसका पात्र हो कर (हाथ) मे जितना भर आसके उतना ही ग्रहण करना हैं. श्रीगुरुजी ने आगे बताया कि माँ दुर्गा आदिशक्ति के एक नाम अपर्णा हैं जो बेलपत्र सेवन करने से पड़ा था यह प्रसंग पार्वती जी साधना का हैं. मालूम हो कि श्रीश्रीशैलेशगुरुजी इसके पूर्व भी कई कठिन साधनाए कर चुकें है जैसे छाती पर कलश की स्थापना कर , निराहार रह और बिना मलमूत्र का त्याग किए जमीन में नव दिनों तक गड्ढा खोद कर भूमिगत हो कर नौ दिन बाद दशमी को निकालना आदि कई कठिन से कठिन साधना कर कई नवरात्र कर चुके है.
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